यादें
रंगो से भरी तस्वीरें हैं
आँखों से बंधी उम्मीदे हैं
ये अफ़साने हैं यादों के
जो साथ हमारे रहते हैं
ये यादें इतनी गहरी हैं
पल में आँखें भर आती हैं
नज़राना सब की चाहत का
बस यादों के सहारे बाकी है
यादें एहसास का दामन हैं
एहसास बन के तड़पाती हैं
यादों में बसे उन रिश्तों को
आंसू बनके सहलाती हैं
यादों से बने ये रिश्ते हैं
रिश्तों से जुडी ये यादें हैं
हम बिखरे न शीशों की तरह
इसलिए ये यादें बाकी हैं
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